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आओ पेश करें हम मेहनत की मिसाल

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आओ पेश करें हम मेहनत की मिसाल ----------------------------------------------- आओ पेश करें हम मेहनत की मिसाल, प्रगति से मिलाएं अपने कदमताल। आज का काम कल पर मत टाल। सफलता न आए उसकी क्या मजाल? ---------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल

उठो दोस्तों हो गई भोर

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उठो दोस्तों हो गई भोर ------------------------------- उठो दोस्तों हो गई भोर,  बादल घिर आए घनघोर। नाच रहे हैं देखो मोर, होकर भाव विभोर। जंगल में यह कैसा शोर,  क्या आ गया डायनासोर? ------------------------------- मनोज कुमार अनमोल

ज़िन्दगी भर रहेगा मुझे ये मलाल

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जिंदगी भर रहेगा मुझे ये मलाल ------------------------------------------------ ज़िन्दगी भर रहेगा मुझे ये मलाल, कि अच्छा किया तूने मेरा इस्तेमाल। जो ले जा रही हो दिल इसे रखना संभाल, क्योंकि तुम ही बसी हो इसमें फ़िलहाल। -------------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल

लिखी है मैंने पहली किताब

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लिखी है मैंने पहली किताब ------------------------------------------ लिखी है मैंने पहली किताब,  Like, Comment कर दो साब... अच्छी लगी या आपको खराब, Please देना जरूर जवाब... ------------------------------------------  मनोज कुमार अनमोल

हे दिलरुबा तू है कितनी हसीन

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है दिलरुबा तू है कितनी हसीन ------------------------------------------ हे दिलरुबा तू है कितनी हसीन, तू जन्नत की परी है या क्वीन। लोग कहते है कि तू है बड़ी शालीन, मेरे पास तू है मुझे न होता यक़ीन। ------------------------------------------ मनोज कुमार अनमोल

मेरी ज़िन्दगी है खुली किताब

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मेरी ज़िन्दगी है खुली किताब  ---------------------------------------- मेरी ज़िन्दगी है खुली किताब, जिसको पढ़ना है पढ़ लो साब।  हमने देखे थे क्या-क्या ख़्वाब? पर सब चकनाचूर हो गए जनाब। ---------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल

प्यारा भारत देश हमारा

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प्यारा भारत देश हमारा -------------------------------------------- सबसे सुंदर सबसे न्यारा, प्यारा भारत देश हमारा। दिक् उत्तर में तुंग हिमालय, अरि से रक्षा करता है। फौलादी अपना सीना ताने, प्रतिपल वारों को सहता है। दक्षिण में हिंद महासागर, लहरा-लहरा कर बहता है। आसमान में नीरद बनकर, भू पर वर्षा करता है। यह राम, कृष्ण, गौतम की धरती, जहाँ गंगा, यमुना कल-कल बहती। विभिन्न तरह की यहाँ फसले उगती, जो जन-जन के उदरों को भरती। प्रेम, उदारता, दया भावना, यहाँ लोगों के दिल में बसती। ईर्ष्या, द्वेष, झूठ, कपट से, सदा आत्मा जिनकी डरती। यहाँ भिन्न-भिन्न है भाषा बोली, भिन्न-भिन्न है जाति, धर्म। इसके वासी भोले-भाले, जो करते हैं सत्कर्म। आओ देश का हम मान बढ़ाएं विश्व में इसको उच्च उठाएं। प्रेम से इसको शीश झुकाए, एक साथ सब मिलकर गाएं। सबसे सुंदर सबसे न्यारा, प्यारा भारत देश हमारा। --------------------------------------------       मनोज कुमार अनमोल