तर्पण Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps June 21, 2019 जब तक थे वो जिंदा, दाने-दाने को मोहताज किया। आज बुलाकर ब्राह्मण को, तुमने उनका श्राद्ध किया। काक को भोजन अर्पण है, यह कैसा तेरा तर्पण है? -×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-×- मनोज कुमार 'अनमोल' Read more