तेरी यादों में रहते हैं गुम

तेरी यादों में रहते हैं गुम
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तेरी यादों में रहते हैं गुम, 
क्या प्रिये सुन रही हो तुम?
क्यों हो गई आकाश कुसुम?
कुछ तो बोलो क्यों हो गुमसुम?
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मनोज कुमार अनमोल 

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