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मेरे ख़्वाब थे कितने हसीन
नन्हीं गौरैया
नन्हीं गौरैया -×-×-×-×-×-×-×-×-×-×- मैं हूं नन्हीं सी गौरैया, मुझे बचा लो प्यारे भैया। घर मेरा तुम नहीं उजाड़ो छत पर दाना पानी डालो। हरे-भरे तुम पेड़ लगाओ, रेडिएशन से हमें बचाओ। घर आंगन में आऊंगी, बिखरे दाने खाऊंगी। मैं मैं ही चिरई और चिरैया, मैं हूं संकटग्रस्त गौरैया। मुझे बचा लो प्यारे भैया, मैं हूं नन्ही सी गौरैया। -×-×-×-×-×-×-×-×-×- मनोज कुमार 'अनमोल' रतापुर, रायबरेली ( उत्तर प्रदेश)
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