ख़ुदा बदल सकता है तक़दीर

ख़ुदा बदल सकता है तक़दीर
----------------------------------------
ख़ुदा बदल सकता है तक़दीर,
दु:खियों की मिटा सकता है पीर।
फ़कीर को बना सकता है अमीर,
मरुस्थल में बहा सकता है नीर।
----------------------------------------
मनोज कुमार अनमोल 

Comments

Popular posts from this blog

मैं सुर, तू संगीत

नन्हीं गौरैया

मेरे ख़्वाब थे कितने हसीन