ख़ुदा सब पर नहीं होता है मेहरबान

ख़ुदा सब पर नहीं होता है मेहरबान
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ख़ुदा सब पर नहीं होता है मेहरबान,
बनते काम में डाल देता है व्यवधान।
तोड़ देता है लोगों के अरमान,
ख़ाक में मिला देता है सम्मान।
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मनोज कुमार अनमोल 

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