सोचती हूँ आपसे हो मुलाकात

सोचती हूँ आपसे हो मुलाकात।
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ये शीत ऋतु की सर्द रात,
हो रही हिम की बरसात।
याद आई तेरी अकस्मात,
सोचती हूँ आपसे हो मुलाकात।
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मनोज कुमार अनमोल 

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