दूर रहकर भी आपका आता है ख़्याल

दूर रहकर भी आपका आता है ख़्याल
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दूर रहकर भी आपका आता है ख़्याल,
ख़ुदा सलामत रखे और रखें ख़ुशहाल।
इस माया नगरी से मैं लौटूंगा तत्काल,
तेरे संग मिलाऊंगा फिर से कदमताल।
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🌹मनोज कुमार अनमोल🌹

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