मेरे ख़्वाब थे कितने हसीन -------------------------------------- मेरे ख़्वाब थे कितने हसीन, सदा रहता था उनमें तल्लीन। पर वक्त ने लिया उनको छीन, अब ज़िन्दगी हो गयी उदासीन। -------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल
मैं सुर, तू संगीत ---------------------------------- मैं सुर, तू संगीत, तू ही है, मेरी मीत। तुझसे है, मेरी प्रीत, तेरे संग हो, जीवन व्यतीत। ---------------------------------- मनोज कुमार अनमोल
मेरा भाई है कितना मासूम ------------------------------------------ मेरा भाई है कितना मासूम? क्या आप सभी को है मालूम? आओ उसके संग ले हम सब झूम, मृदु कपोलों को ले चूम। प्रियवर आओ हमारे रूम ... ------------------------------------------ मनोज कुमार अनमोल
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