दी है तुम्हें जो पुस्तक उपहार
दी है तुम्हें जो पुस्तक उपहार
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दी है तुम्हें जो पुस्तक उपहार,
वर्षों की मेहनत है इसमें यार।
करना नहीं है मुझे इसका प्रचार,
मिला था आपसे ये रखना यादगार।
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🌟मनोज कुमार अनमोल 🌟
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