हसरत है प्रिये तुम्हारा हो दीदार

हसरत है प्रिये तुम्हारा हो दीदार
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हसरत है प्रिये तुम्हारा हो दीदार, 
उतरा नहीं है अभी इश्क़ का ख़ुमार। 
मचल रहे हैं मन में कुछ प्यारे से उद्गार,
सोचता हूँ कह दूं आपसे आखिरी बार।
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   🌷मनोज कुमार अनमोल🌷

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