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अकेले हम, अकेले तुम

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अकेले हम, अकेले तुम -×-×-×-×-×-×-×-×-×-×- अकेले हम, अकेले तुम,  जहां ना कोई हो सनम। तुम मेरे पास आ जाओ, मुझसे इतना ना घबराओ, मैं तुमसे प्यार करता हूं, हर घड़ी याद करता हूं, ना होगा प्यार मेरा कम, अकेले हम, अकेले तुम, जहां ना कोई हो सनम। तुम मेरी बांहों में आ जाओ, मुझसे इतना ना शरमाओ, तुम मेरी जान हो दिलबर, ये दिल कुर्बान है तुझ पर, मैं चाहूंगा तुम्हें हरदम, अकेले हम, अकेले तुम, जहां ना कोई हो सनम। -×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-   मनोज कुमार 'अनमोल' रतापुर, रायबरेली  (उ0 प्र0)

नेता और चुनाव

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      नेता और चुनाव ****************************** जब चुनाव समीप होते हैं, तब नेता कम सोते हैं। क्योंकि वे करते हैं प्रचार, ताकि बन सके उनकी सरकार। वे गांवो-गलियों और घरों के अंदर, विनम्र भाव से हाथ जोड़कर। सबको शीश झुकाते हैं, भइया वोट हमी को देना, बार-बार दोहराते हैं। लोगों को लुभाते हैं, और सबको यह बतलाते हैं। अगर दोगे हमें वोट, बटवा दूंगा जाड़े में कोट। सड़कें पक्की बनवा दूंगा, बल्ब खंभों में लगवा दूंगा। लगवा दूंगा गली-गली में नल, जिनसे निकलेगा शुद्ध जल। इसी तरह वे ढेरों वादे करते हैं, और हर व्यक्ति के पैर पड़ते हैं। भोली जनता बहकावे में आ जाती है, और वोट उसी को दे आती है। जब रिजल्ट घोषित होता है, जो नेता जी के पक्ष में होता है। रिजल्ट सुनकर नेताजी खुश हो जाते हैं, उनके चमचे उन्हें पुष्प हार पहनाते हैं। नेताजी जो-जो वादें कर गए थे, जीतने की खुशी में सारे गुम कर गए थे। जब नेताजी कई महीनों तक गांव में नहीं आते हैं, तो लोगों के नेत्र खुल जाते हैं। वे मन ही मन पछताते हैं, अगली बार वोट नहीं देंगे, के प्रण दोहराते हैं। **************************...

तर्पण

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    जब तक थे वो जिंदा, दाने-दाने को मोहताज किया।   आज बुलाकर ब्राह्मण को,   तुमने उनका श्राद्ध किया।   काक को भोजन अर्पण है,     यह कैसा तेरा तर्पण है? -×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-      मनोज कुमार 'अनमोल'

प्यारा भारत देश हमारा

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     भारत देश की महत्ता जगत प्रसिद्ध है। हमारे देश भारत का नाम राजा भरत के नाम पर पड़ा। इसके अन्य नाम भी जगत विख्यात हैं जैसे- आर्यावर्त, हिंदुस्तान, एवं इंडिया। यह वह पवित्र धरती है, जहां पर भगवान श्री राम, श्री कृष्ण, गुरु नानक, महावीर स्वामी और महात्मा बुद्ध अवतरित हुए। इसी पावन भूमि पर गोस्वामी तुलसीदास, मिर्जा गालिब, कबीर, रविदास, रहीम, सूरदास, महात्मा गांधी जैसे कवि और संत जन्मे।      भौगोलिक दृष्टि से भारत तीन तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है। दक्षिण में हिंद महासागर, पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी है। इसके उत्तर दिशा की ओर विश्व प्रसिद्ध हिमालय की श्रृंखला हैं। गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, सतलुज, महानदी और कावेरी आदि यहां की प्रमुख नदियां हैं। लगभग 20% भूभाग वनों से आच्छादित है। यहां पर मुख्य रूप से तीन ऋतुएं आती है- शीत, ग्रीष्म और वर्षा। हिंदी यहां की मातृभाषा है, हिंदी के अंतर्गत पांच उप भाषाएं एवं 18 बोलियां आती हैं। विभिन्न धर्मों के लोगों के द्वारा यहां पर बिना किसी बंधन के कई भाषाएं बोली जाती है।     ...

88/7 दे दो...

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प्यारे दोस्तों यह एक गणितीय हास्य लघु कहानी है, जो कि मनोरंजन के उद्देश्य से लिखी गई है......            बात उन दिनों की है, जब गांव में टेंट हाउस नहीं हुआ करते थे। मेरी ननद सलोनी की...

मैं राह देखती खड़ी द्वार

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मैं राह देखती खड़ी द्वार, प्रियतम आ जाओ एक बार..... सुन लो दिल की करुण पुकार, कब होगा तेरा दीदार। कब होंगी फिर आंखें चार, जरा बताना मुझको यार। मैं राह देखती खड़ी द्वार, प्रियतम आ जाओ एक बार..... अंखियां दुखती पंथ निहार, अश्रु निकलते बारम्बार। निशिि-वासर मैं करूं इंतजार, तन्हाई डालेगी मार। मैं राह देखती खड़ी द्वार, प्रियतम आ जाओ एक बार..... तुम बिन फीके सब त्योहार, रूखा लगता है आहार। तुम्हें बुलाए मेरा प्यार, पहना दे बांहों का हार। मैं राह देखती खड़ी द्वार, प्रियतम आ जाओ एक बार.....          ****** मनोज कुमार 'अनमोल'    रतापुर, रायबरेली       उत्तर प्रदेश

प्रियतम तेरी याद सताती

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मधुर मिलन की स्मृतियां जब नैनों में है छाती, प्रियतम तेरी याद सताती, प्रियतम तेरी याद सताती... वो उपवन में तेरा आना, नयन दृष्टि का टकराना, मृदुल मनोरम अंगुलियों का, अनुलेपन सा सहलाना, वो अधरों का मेरा चुंबन, बाहुपाश का आलिंगन, मृदु यादें तड़पाती, प्रियतम तेरी याद सताती, प्रियतम तेरी याद सताती... मधुर मिलन की स्मृतियां, जब नैनों में है छाती, प्रियतम तेरी याद सताती, प्रियतम तेरी याद सताती... यौवन रूपी सुमन खिला है, प्रियतम भंवरे आ जाओ, प्रेम का संगीत सुनाकर, रस मेरा तुम पी जाओ, तुम बिन पृथक न जी पाएंगे, रैन बहुत तड़पाती, प्रियतम तेरी याद सताती, प्रियतम तेरी याद सताती...          ****** मनोज कुमार 'अनमोल'