Posts

हिंदी हमारी मातृभाषा

Image
हिंदी हमारी मातृभाषा,  हिंदी हमारी शान है। इसकी बदौलत विश्व में,  अपनी अलग पहचान है। पांच उपभाषाएं हैं जिसकी, अट्ठारह है बोलियां। बावन वर्णों से सजी है,  स्वर-व्यंजनों की टोलियां। लिपि है जिसकी देवनागरी,  देव भाषा का अनुवाद है। है अनेकों इसकी विधाएं,  जन पढ़ लेते स्वाद है।  हिंदी हमारी मातृभाषा,  हिंदी हमारी शान है। इसकी बदौलत विश्व में,  अपनी अलग पहचान है।। आओ दृढ़ संकल्प कर लें, हम सदा ही बोलेंगे।  जो बोलते विदेशी भाषा,  उनके नेत्र खोलेंगे।  सहज सरल है अपनी भाषा,  रस की तो ये खान है। हम सब भारतीयों को,  निज भाषा पर अभिमान है। हिंदी हमारी मातृभाषा,  हिंदी हमारी शान है।  इसकी बदौलत विश्व में,  अपनी अलग पहचान है।। -×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-   मनोज कुमार 'अनमोल'        💐रायबरेली💐

प्यासा कौवा

Image
प्यासा कौआ -------------------------------- एक कौए को लगी थी प्यास, पानी था ना उसके पास। उसने खोजा इधर-उधर, गया गांव से वो शहर। पर जल ना मिला उसे मगर,  थक कर बैठ गया डाली पर। सहसा उसकी पड़ी नजर, घड़ा रखा था एक छत पर। झटपट पहुंचा वो उड़कर, बैठ गया वह घट के ऊपर। जल पीने को था वह अधीर, पर उसमें था थोड़ा सा नीर।  फिर कौवे ने बुद्धि लगाई, एक सूझ उसके मन आई। झटपट लाया कुछ पत्थर, डाले उसने एक-एक कर। ज्यों-ज्यों पत्थर गिरता अंदर, जल चढ़ आता फिर निरंतर। ठंडा-ठंडा जल पीकर, उड़ गया कौवा कांव-कांव कर। ----------------------------- मनोज कुमार अनमोल   रतापुर, रायबरेली         उत्तर प्रदेश

पेड़ लगाए

आओ मिल सब पेड़ लगाएं, हरा-भरा धरती को बनाए। वृक्ष बड़े उपकारी हैं, इनकी महिमा न्यारी है। धरती मां के यह श्रृंगार, प्राणवायु के यह भंडार। मृदा क्षरण को जड़ से रोके, दूषित वायु ...

अकेले हम, अकेले तुम

Image
अकेले हम, अकेले तुम -×-×-×-×-×-×-×-×-×-×- अकेले हम, अकेले तुम,  जहां ना कोई हो सनम। तुम मेरे पास आ जाओ, मुझसे इतना ना घबराओ, मैं तुमसे प्यार करता हूं, हर घड़ी याद करता हूं, ना होगा प्यार मेरा कम, अकेले हम, अकेले तुम, जहां ना कोई हो सनम। तुम मेरी बांहों में आ जाओ, मुझसे इतना ना शरमाओ, तुम मेरी जान हो दिलबर, ये दिल कुर्बान है तुझ पर, मैं चाहूंगा तुम्हें हरदम, अकेले हम, अकेले तुम, जहां ना कोई हो सनम। -×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-   मनोज कुमार 'अनमोल' रतापुर, रायबरेली  (उ0 प्र0)

नेता और चुनाव

Image
      नेता और चुनाव ****************************** जब चुनाव समीप होते हैं, तब नेता कम सोते हैं। क्योंकि वे करते हैं प्रचार, ताकि बन सके उनकी सरकार। वे गांवो-गलियों और घरों के अंदर, विनम्र भाव से हाथ जोड़कर। सबको शीश झुकाते हैं, भइया वोट हमी को देना, बार-बार दोहराते हैं। लोगों को लुभाते हैं, और सबको यह बतलाते हैं। अगर दोगे हमें वोट, बटवा दूंगा जाड़े में कोट। सड़कें पक्की बनवा दूंगा, बल्ब खंभों में लगवा दूंगा। लगवा दूंगा गली-गली में नल, जिनसे निकलेगा शुद्ध जल। इसी तरह वे ढेरों वादे करते हैं, और हर व्यक्ति के पैर पड़ते हैं। भोली जनता बहकावे में आ जाती है, और वोट उसी को दे आती है। जब रिजल्ट घोषित होता है, जो नेता जी के पक्ष में होता है। रिजल्ट सुनकर नेताजी खुश हो जाते हैं, उनके चमचे उन्हें पुष्प हार पहनाते हैं। नेताजी जो-जो वादें कर गए थे, जीतने की खुशी में सारे गुम कर गए थे। जब नेताजी कई महीनों तक गांव में नहीं आते हैं, तो लोगों के नेत्र खुल जाते हैं। वे मन ही मन पछताते हैं, अगली बार वोट नहीं देंगे, के प्रण दोहराते हैं। **************************...

तर्पण

Image
    जब तक थे वो जिंदा, दाने-दाने को मोहताज किया।   आज बुलाकर ब्राह्मण को,   तुमने उनका श्राद्ध किया।   काक को भोजन अर्पण है,     यह कैसा तेरा तर्पण है? -×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-×-      मनोज कुमार 'अनमोल'

प्यारा भारत देश हमारा

Image
     भारत देश की महत्ता जगत प्रसिद्ध है। हमारे देश भारत का नाम राजा भरत के नाम पर पड़ा। इसके अन्य नाम भी जगत विख्यात हैं जैसे- आर्यावर्त, हिंदुस्तान, एवं इंडिया। यह वह पवित्र धरती है, जहां पर भगवान श्री राम, श्री कृष्ण, गुरु नानक, महावीर स्वामी और महात्मा बुद्ध अवतरित हुए। इसी पावन भूमि पर गोस्वामी तुलसीदास, मिर्जा गालिब, कबीर, रविदास, रहीम, सूरदास, महात्मा गांधी जैसे कवि और संत जन्मे।      भौगोलिक दृष्टि से भारत तीन तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है। दक्षिण में हिंद महासागर, पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी है। इसके उत्तर दिशा की ओर विश्व प्रसिद्ध हिमालय की श्रृंखला हैं। गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, सतलुज, महानदी और कावेरी आदि यहां की प्रमुख नदियां हैं। लगभग 20% भूभाग वनों से आच्छादित है। यहां पर मुख्य रूप से तीन ऋतुएं आती है- शीत, ग्रीष्म और वर्षा। हिंदी यहां की मातृभाषा है, हिंदी के अंतर्गत पांच उप भाषाएं एवं 18 बोलियां आती हैं। विभिन्न धर्मों के लोगों के द्वारा यहां पर बिना किसी बंधन के कई भाषाएं बोली जाती है।     ...