उठो दोस्तों हो गई भोर

उठो दोस्तों हो गई भोर
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उठो दोस्तों हो गई भोर, 
बादल घिर आए घनघोर।
नाच रहे हैं देखो मोर,
होकर भाव विभोर।
जंगल में यह कैसा शोर, 
क्या आ गया डायनासोर?
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मनोज कुमार अनमोल

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