गुरु आए जीवन में बनकर दिनकर

गुरु आए जीवन में बनकर दिनकर
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अज्ञानता के तिमिर को हरकर,
गुरु आए जीवन में बनकर दिनकर।
ज्ञान पोटली लाएं भर-भरकर,
शिष्यों को फिर बांटा जमकर।
गुरु तो ज्ञान के है रत्नाकर,
कुन्दन बनाया हमें तपाकर।
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मनोज कुमार अनमोल

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