तड़पकर एक दिन निकल जायेगी जान

तड़पकर एक दिन निकल जायेगी जान
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तड़पकर एक दिन निकल जायेगी जान,
मोहब्बत भरा दिल हो जायेगा बेजान।
इसलिए हे सखी तू कहना मान,
लगा प्रभु जी मेें तू अपना ध्यान।
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मनोज कुमार अनमोल 

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