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Showing posts from March, 2024

शायरी

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शायरी  --------------------------------------------------- जब से तुम गिरगिट की तरह रंग बदल गई,  जिंदगी काँच की तरह टूट कर बिखर गई। खुशियाँ मेरी छीन कर तुम किधर ले गई? झूठे ख़्वाब दिखा कर क्यों अदृश्य हो गई? --------------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

मुक्तक

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मुक्तक  ----------------------------------- नयनों मे बसी तेरी तस्वीर,  कभी धूमिल नहीं  होती। रोज धूल जमने से पहले, अश्रु से आँख धुल देती। ---------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  ----------------------------------------------- आज भी हम उन्हें याद करते हैं,  रब से उनकी ही फरियाद करते हैं।  ख्व़ाब में उनसे ही संवाद करते हैं,  हम मुहब्बत उनसे बेहिसाब करते हैं। ---------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  ------------------------------------------------------------ तेरी यादें आती रहेगी प्रतिपल लहर बनकर, मुझे सताती रहेंगी सदा कहर बनकर। तुम क्यों आयी मेरी जिंदगी में जहर बनकर? क्या पतझड़ में फिर आओगी तुम बसंत बनकर? ----------------------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  ---------------------------------------------------- तेरी यादें मुझे पल-पल सताती हैं,  दिल रोता है ऑंखें डब-डबाती हैं। तेरे बिछड़ने के डर से रूह घबराती है, गिरते अश्कों से तेरी तस्वीर बन जाती है। ---------------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  ------------------------------------- इतनी शिद्दत से चाहते थे तुझे,  फिर भी ना मिले तुम मुझे। विरह की अग्नि कैसे बुझे? कोई आकर बता दे मुझे। ------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  ----------------------------------------------------- ऐ ख़ुदा कर दे ऐसी करामात,  अकस्मात हो जाएं उनसे मुलाक़ात।  मैं उनसे करूँ जी भरके सवालात, दर्द में निकले आँसुओं की उसे दे दूँ सौगात। ---------------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

मुक्तक

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मुक्तक  ------------------------------------------------------- जो चीजें नहीं होती हैं नर के पास, अक्सर उसे उसकी ही होती है तलाश। उसे पाने का करता है भरसक प्रयास, कद्र उसकी करता नहीं जो मिलती अनायास। ------------------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  ------------------------------------------- ये कैसा ख़ुदा ने मुक़द्दर बनाया,   हमको मिलाकर क्यों बिछड़ाया?  क्यूँ दर्द देकर हमें तड़पाया,  इतना क़हर हम पर क्यों ढाया? ------------------------------------------ मनोज कुमार अनमोल 

मुक्तक

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मुक्तक  ------------------------------------------ सादगी भरा तेरा लिबास, कोयल बोली सी मिठास।  सुवास से भरी तेरी निःश्वास,  मुझे आज भी है उनका एहसास। ------------------------------------------ मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  -----------------------------------------------‐------------------ मेरे दिल में अब भी उसकी तस्वीर है, उसे न पाने की अभी भी मुझ में पीर है। मेरी आँखों में आज भी उसके लिए नींर है, उसकी आवाज सुनने के लिए आत्मा आज भी अधीर है। ------------------------------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  --------------------------------------------- रात-दिन वह मेरी ज़ुबान पर है,  दिल मेरा उसी के लिए गतिमान है। मेरे बसते उसी में प्रान  है, पर मेरी मुहब्बत मुझसे अनजान है। ‐-------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

हे नारी तुम हो महान

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हे नारी तुम हो महान ------------------------------------------------------ विधाता से मिला भू को वरदान, हे नारी! तू करने आयी जग का कल्यान्। अँधेरे जीवन में सबके लायी सुख का विहान, मुरझाए होंठों की तुम हो अप्रतिम मुस्कान। धरती पर तुम्हारा अतुलनीय योगदान,  हम नर करते तुम्हारा यशोगान।  हे नारी! तुम हो महान, हे नारी! तुम हो महान। ------------------------------------------------------ मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  ---------------------------------------------------- उसकी यादें मैंने अपने सीने में दफनाई है, राह देखते-देखते अब तो आँखें पथराई है। दुष्कर जीवन मेरा अब तो दुःखदाई है, कुछ नहीं मेरे पास अब तो सिर्फ तन्हाई है। ---------------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  ----------------------------------- वो मुझे याद आने लगे,  प्रतिपल मुझे तड़पाने लगे।  ख़्वाबों में आकर जताने लगे,  हाँ तुमसे प्यार है बताने लगे। ---------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी ------------------------------------------------------  ए ख़ुदा तुमने मुझ पर कैसा क़हर ढाया है? मेरे महबूब की कहीं ना दिखती प्रतिछाया है। उसके सिवा मुझे कोई नहीं भाया है, उसी हूर ने मेरे चित्त को चुराया है। ------------------------------------------------------ मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  ‐----------------------------------------------- चाहत किसी की अधूरी न रहे, प्यार करने वालों के बीच में दूरी न रहे। ए ख़ुदा उन्हें आपस में मिला दे, ख़ुशियो के फूल चमन में  खिला दे। ------------------------------------------------ मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  ---------------------------------------------- आँसुओं के सैलाब को बह जाने दो, ख़्वाबों के रेत के घरोंदे ढह जाने दो।  दिल के दर्द को सीने में सह जाने दो, वो जहाँ खुश है उसे वही रह जाने दो। ---------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  ------------‐--------------------------------------------- ए बेवफ़ा मैंने इश्क़ तुझसे इस क़दर लगाया था, तुझमें ही मुझे अपना रब नजर आया था। मेरी आँखों में रात-दिन तेरा ही नशा छाया था, तेरे सिवा मुझे और कोई नहीं भाया था। --------------------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  ‐---------------------------------------------- ज़ख्मी दिल लिए हम जिंदगी ढोते रहे, रात-दिन आँसुओं में ऑंखें डुबोते रहे। अपनी साँसे धीरे-धीरे हम खोते रहे, और दोस्तों वो चैन से सोते रहे।  ---------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल  

इश्क न करना

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इश्क न करना  ----------------------------------------- दिल का दर्द उसने मुझे जो दिया,  होठों से न कर सकता हूँ मैं बयाँ। मैं तड़पता रहा याद करके उसे, काट दी हमने अपने हाथों की नसे। फिर भी नहीं वो मेरे पास आई, कूद गया मैं पहाड़ी से खाई। सुना है उसने कर ली सगाई, कब्र पर रो-रोकर बताती है माई। इश्क मत करना ओ मेरे भाई,  तुम्हे तुम्हारे रब की है दुहाई। ----------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल 

शायरी

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शायरी  ---------------------------------------------- बदलना था जिनकी फ़ितरत में लिखा,  इश्क का मज़ा हमने उससे चखा। निभाई थी सिद्दत से हमने वफ़ा,  पर मेरे प्यार को कर दिया उसने दफ़ा। ---------------------------------------------- मनोज कुमार अनमोल