चाहती है हर औरत

चाहती है हर औरत
---------------------------------------
चाहती है हर औरत...
मिले उसे शोहरत,
सदा रहे धन-दौलत,
हाथ ना फैलाने की आए नौबत,
पर ये सम्भव है सिर्फ ... 
कर्म या ख़्वाब के बदौलत।
---------------------------------------
मनोज कुमार अनमोल 

Comments

Popular posts from this blog

मैं राह देखती खड़ी द्वार

गौरैया प्यारी

ठण्ड लग रही हैl